राष्ट्रगान का दंगल

          
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सन् 2011 में लिखी मेरी पुस्तक ‘आओ हिंद में सिंध बनायें’ को लेकर सिंधी समाज में अखिल भारतीय स्तर पर चर्चा है | ‘हिंद में सिंध’ एक विचार है | इस विचार में दम होगा यानि यदि भारतीय सिंधी समाज सहित सभी भारतीय ‘हिंद में सिंध’ बनते देखना चाहेंगे और यह निर्माण सरल तथा सुगम होगा तो समझिये कि हिंद में सिंध बनेगा |

‘हिंद में सिंध’ क्यों, कहाँ और कैसे?

क्यों?

  1. हिंद के राष्ट्रगान में हम सिंध का गायन सम्मान के साथ करते हैं पर धरातल पर हिंद में सिंध कहीं नहीं है | इस प्रकार हमारा राष्ट्रगान कहीं न कहीं किसी न किसी प्रकार अपूर्ण है – अधूरा है | सिंध बना हम राष्ट्रगान को पूर्ण कर लेंगे |
  1. राष्ट्रगान का मतलब राष्ट्र तथा मातृभूमि का गुणगान होता है | राष्ट्रगान में हम कहाँ का, कैसा और किस सिंध का गुणगान कर रहे हैं? अपना सिंध बना हम मातृभूमि के गुणगान को पूर्णता और सार्थकता देंगे |
  2. राष्ट्रगान देश का प्रतिनिधित्व करता है| एक-एक व्यक्ति के योग से राष्ट्र बनता है | राष्ट्रगान में कमी का मतलब एक-एक भारतीय में कमी के समान है | राष्ट्रगान की पूर्णता में एक-एक भारतीय की पूर्णता है |
  3. राष्ट्रगान की पूर्णता से भारतीय राष्ट्र को पूर्णता होगी |
  4. स्वतंत्रता की बलिवेदी पर सबसे बड़ी कीमत चुकाने वाले सिंधी समाज के STATE LESS स्वरुप को एक राज्य (सिंध राज्य) देकर हम उनके भाषाई, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा भूराजनीतिक आकांछाओं पूर्ति को एक ठोस आधार दे सकेंगे |
  5. हिन्दू – हिन्द – हिंदी – हिंदुस्तान - इंडस – इंडो – इंडिया आदि नामों एवं संबोधनों का सिंधु – सिंध - सिंधी से नाभि संबंध है | हिन्द की जीवन्तता के लिए उसे सिंध से जोड़ना हर हिन्द्वासी का कर्तव्य है |

कहाँ और कैसे ?

भारत राज्यों का संघ है और कोई भी राज्य सिंध के लिए अपनी जमीन नहीं देगा | इसीलिए भारतीय समुद्री सीमा के अन्दर सिंध का निर्माण एक द्वीप बनाकर किया जा सकता है | यह भारत के पश्चिम में कोरिक्रीक के नीचे समुद्र में नारायण सरोवर – कोटेश्वर मंदिर तथा निर्माणाधीन श्री झुलेलाल तीर्थधाम के दक्षिण भारतीय समुद्री सीमा के अन्दर किया जा सकता है | जब दुनिया के कई देशों में Reclaimed Island (कृत्रिम द्वीप या टापू) बनाकर उस पर बड़ी-बड़ी टाउनशिप्स बनायी – बसाई जा रही है तो हिन्द की हर तरह की सम्पूर्णता के लिए एक द्वीप बनाकर उसपर एक छोटा 5 से 10 लाख की आबादी वाला सिंध राज्य बनाना कौन से बड़ी बात है? इन्ही बातों की विस्तार में चर्चा पुस्तक का विषय है | पुस्तक में आप ‘हिंद में सिंध’ बना हुआ पाएंगे |

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